Genuine motivations
*रख हौंसला, वो मंजर भी आएगा,
प्यासे के पास समंदर भी आएगा,
थक कर ना बैठ, ऐ मंजिल के मुसाफिर,
तुझे मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा!!*
प्यासे के पास समंदर भी आएगा,
थक कर ना बैठ, ऐ मंजिल के मुसाफिर,
तुझे मंजिल भी मिलेगी और मिलने का मज़ा भी आएगा!!*
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