हर काम में सफलता चाहिए तो जरूर याद रखें जीवन के ये 13 सबक

किसी भी काम को सफलतापूर्वक करने के लिए मेहनत, ईमानदारी, लगन और दृण निश्चय का होना बहुत जरूरी होता है। वक्त का दस्तूर कितना भी बदल जाए लेकिन कुछ चीजें जो मनुष्य के जीवन को प्रभावित करती है वे कभी नही बदलेंगी जैसे, शास्त्रों में कही बाते आज भी मनुष्य के जीवन को वैसे ही प्रभावित करती है, जैसे सदियों पहले करती थी। हर मनुष्य अपने जीवन में ऊंचाईयों को पाना चाहता है। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं, जिन्हें जाने-अनजाने करने पर हमें अपमान का सामना करना पड़ता है। ये बातें आज के जीवन पर भी वैसे ही पूरी तरह लागू होती हैं
मनुष्य के लिए बुरी संगत उस कोयले के सामान है, जो गर्म हो तो हाथ जला देता है, और  ठंडा हो तो हाथ काला कर देता है।अगर सफलता पाना है तो कभी भी बुरे वक़्त और हालात पर रोना नहीं चाहिए क्योंकि मंजिल भले ही दूर सही पर घबराना मत, क्योंकि नदी कभी नहीं पूछती कि समंदर अभी कितना दूर हैअध्यापक और जिंदगी में बस इतना ही फर्क है अध्यापक सबक सिखाकर इम्तिहान लेता है, जिंदगी इम्तिहान लेकर सबक सिखाती है...संयोग भगवान का बचा हुआ गोपीनीय रास्ता है, क्रोध मूर्खों की छाती में बसता है। बुद्धि का सही उपयोग ज्ञान नही कल्पनाशीलता है...भीड़ के साथ चलना आसान होता है क्योंकि भीड़ व्यक्ति को हौसला देती है, लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि भीड़ आपसे आपकी पहचान छीन लेतीमुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलू जिंदगी का इम्तिहान होता है, डरने वाले को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में, लड़ने वालों के कदमों में सारा जहान होता है..

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अमीर इतने बनों की आप कितनी भी कीमती चीज को जब चाहों तब खरीद सको और कीमती इतने बनो की इस दुनिया का अमीर से अमीर भी आपको खरीद न सकें..

सकारात्मक सोच का विकास9 of 21
सकारात्मक सोच का विकास
अपनी जिंदगी में कभी किसी को कसूरवार न बनाओ क्योंकि अच्छे लोग जहां खुशियां लाते है, तो वही बुरे लोग तजुर्बा...

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सपने और लक्ष्य में एक ही अंतर है सपने के लिए बिना मेहनत की नींद चाहिए और लक्ष्य के लिए बिना नींद की मेहनत..

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 मिट्टी का मटका और परिवार की कीमत सिर्फ बनाने वाले को ही पता होती है, तोडनेवाले को नही..

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पानी में गिरने से किसी की जान नही जाती, जान तभी जाती है जब तैरना नहीं आता। ठीक उसी प्रकार परिस्थितियां कभी समस्या नही बनती, समस्या जीवन में तभी बनती है, जब हमें परिस्थितियों से निपटना नही आता ..

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प्रशंसा चाहे जितनी भी करो लेकिन अपमान सोच-समझकर करना क्योंकि अपमान वो उधार है जो अवसर मिलने पर हर कोई ब्याज समेत चुकाता है...


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